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निवेश के लिए कैसे करें सही शेयर का चुनाव, ताकि कम जोखिम में मिल सके बेहतर रिटर्न

निवेश के लिए कैसे करें सही शेयर का चुनाव, ताकि कम जोखिम में मिल सके बेहतर रिटर्न

शेयर मार्केट में निवेश करते समय कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

How To Invest For Better Returns: शेयर मार्केट में सही निवेश की पहली सीढ़ी है ऐसे शेयर्स का चुनाव जो लंबे समय के दौरान जानिये कैसे Stock Broker का सही चयन करें अच्छा मुनाफा देने की संभावना रखते हैं हों. ऐसे शेयरों की पहचान यूं ही सिर्फ सुनी-सुनाई बातों या जानिये कैसे Stock Broker का सही चयन करें यहां-वहां से मिलने वाले टिप्स के आधार पर करना ठीक नहीं होता. अगर आप चाहते हैं कि कम से कम जोखिम में आप बाजार से बेहतर रिटर्न हासिल करें, तो आपको कुछ खास फिल्टर्स या कसौटियों पर जानिये कैसे Stock Broker का सही चयन करें नजर रखनी होगी. आइए जानते हैं, क्या हैं वो महत्वपूर्ण कसौटियां जिन पर ध्यान देकर आप सही शेयर का चुनाव कर सकते हैं.

अच्छी क्वॉलिटी के शेयर जिनकी कीमत अभी कम है

अच्छी क्वॉलिटी वाले शेयर की पहली कसौटी है निवेश की सुरक्षा. यानी ऐसी कंपनी जिसकी वित्तीय स्थिति और हाल के वर्षों का परफॉर्मेंस अच्छा हो. निवेश की सुरक्षा के लिहाज से कम से कम 500 करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनी पर ध्यान देना एक अच्छी रणनीति साबित हो सकती है. इसके अलावा शेयर का PEG यानी Price-earnings to Growth रेशियो एक से कम होना चाहिए. इससे कंपनी के शेयर की सही वैल्यूएशन का पता चलता है.

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अच्छा डिविडेंड देने वाले शेयर

निवेश के लिए बेहतर शेयर के चुनाव की एक और कसौटी अच्छा डिविडेंड भी हो सकता है. डिविडेंड यानी लाभांश का अर्थ है वो मुनाफे का वो हिस्सा जो जानिये कैसे Stock Broker का सही चयन करें कंपनी अपने शेयरधारकों में बांटती है. लगातार डिविडेंड से न सिर्फ शेयरधारक को सीधे-सीधे निवेश पर रिटर्न मिलता है, बल्कि इससे कंपनी की अच्छी वित्तीय सेहत का भी पता चलता है. निवेश से पहले कंपनी के पिछले 5 साल का डिविडेंड देने का रिकॉर्ड देखना चाहिए. साथ ही कंपनी का डिविडेंड-पे-आउट रेशियो 40 फीसदी से कम हो तो बेहतर. क्योंकि इससे पता चलता है कि कंपनी अपने लाभ का एक हिस्सा बांटने के बाद बाकी रकम बिजनेस के विस्तार में भी लगाती है.

अगर कोई शेयर ऊपर की दोनों कसौटियों पर खरा उतर रहा हो तो तीसरी बात उसके ‘डिस्काउंट-टू-बुक वैल्यू’ पर नजर डालनी चाहिए. अगर कंपनी बाकी हर लिहाज से मजबूत और बेहतर भविष्य वाली नजर आ रही है, फिर भी उसके शेयर अपनी बुक वैल्यू के मुकाबले कम कीमत पर मिल रहे हैं, तो उसमें आगे चलकर अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं. ऐसे शेयर में यह भी जरूर देखना चाहिए कि उसका डेट-इक्विटी रेशियो 1.5 से कम हो और हाल के वर्षों में रिटर्न ऑन नेट वर्थ 10 फीसदी से अधिक रहा हो.

ग्रोथ की अच्छी संभावना और वाजिब कीमत वाले शेयर

बेहतरीन शेयर के चुनाव के लिए यह भी एक अहम कसौटी हो सकती है. सवाल यह है कि ग्रोथ की अच्छी संभावना और वाजिब कीमत का अंदाजा कैसे लगाएं. फंडामेंटल रूप से मजबूत शेयर का P/E यानी प्राइस-टू-अर्निंग्स रेशियो अगर 15 से कम है, तो आमतौर पर कीमत को वाजिब मान सकते हैं. पिछले 5 साल में कंपनी की अर्निंग्स ग्रोथ कम से कम 20 फीसदी होनी चाहिए. YoY आधार पर पिछली तिमाही की अर्निंग्स ग्रोथ और पिछले 12 महीनों की ट्रेलिंग अर्निंग्स ग्रोथ भी कम से कम इतनी ही यानी 20 फीसदी होनी चाहिए.

इन तमाम कसौटियों पर खरा उतरने वाला शेयर आने वाले दिनों में कम जोखिम में अच्छा रिटर्न देने वाला साबित हो सकता है. हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि यहां कही गई बातें इनवेस्टमेंट टिप्स नहीं हैं. ये कसौटियां बेहतर निवेश के लिए अपनाई जाने वाली कुछ बुनियादी बातों में शामिल हैं. इनके अलावा शेयर से जुड़ी खबरों, संबंधित इंडस्ट्री की दशा-दिशा और पूरी इकॉनमी को प्रभावित करने वाले राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय हालात जैसी बातों पर नजर रखना भी जरूरी है.

How To Choose Best Stock Broker In Hindi – एक अच्छा शेयर ब्रोकर कैसे चुने ?

यदि आप शेयर बाजार में अच्छा पैसा कमाना जानिये कैसे Stock Broker का सही चयन करें चाहते है तो आपके लिए सही दलाल का चयन करना बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है ! शेयर ब्रोकर के मामले में विश्व के सबसे बड़े निवेशक वोरेन बफे की कहावत है – “ शेयर ब्रोकर आपका दोस्त नहीं है ! वह एक डॉक्टर की तरह होता है , जो मरीज से दवा के बदले शुल्क लेता है ! अब यदि आप सही डॉक्टर के पास नहीं पहुंचेंगे तो खामियाजा आपको ही भुगतना होगा !” हालाँकि यह बात सही है निवेशक इसे मानते है , लेकिन बावजूद इसके उनके व्यवहार में यह नहीं झलकता है कि वे ब्रोकर को लेकर संजीदा है !

ज्यादातर निवेशक तो अपने शेयर ब्रोकर का नाम , उसकी फर्म तथा उसके फोन नंबर से ज्यादा कुछ नहीं जानते और शेयर की खरीद – बिक्री के लिए पूरी तरह से ब्रोकर पर ही निर्भर रहते है और सोचते की ब्रोकर सब हमारे लाभ के लिए ही कर रहा है !

ट्रैक रिकॉर्ड देखना

जब भी कभी आप स्टॉक ब्रोकर का चयन करना चाहते है तो सबसे पहले आप उसके पीछे के ट्रैक रिकॉर्ड को देखे अर्थार्त आपको देखना चाहिए कि उस ब्रोकर या ब्रोकर फर्म ने पिछले सालो में अपने clints को कितना रिटर्न दिया है ! आपको उस ब्रोकर के ट्रैक रिकॉर्ड को अच्छे से विश्लेषण करना आना चाहिए ताकि आप अच्छा दलाल चुन सके !

एक अच्छे और सही ब्रोकर की पहचान होती है कि वह आपको अच्छी तथा हर प्रकार की सेवा प्रदान करे ! इसलिए शेयर ब्रोकर का चयन करते समय यह जरुर ध्यान रखे कि वह हमें कोन – कोनसी सुविधाए प्रदान कर रहा है और उसके द्वारा प्रदान की गई सेवा की गुणवता का प्रतिशत कितना है !

रिसर्च की सुविधा

बहुत सी ऐसी ब्रोकिंग फर्म होती है जिनके पास रिसर्च करने की सुविधा होती है , जो अन्य ब्रोकर के पास नहीं होती है ! यदि आप शेयर बाजार का अच्छा ज्ञान हासिल करना चाहते है तो आपको मिलने वाली रिसर्च की सुविधा काफी मददगार साबित हो सकती है ! इसलिए एक अच्छे ब्रोकर का चयन करते समय यह जरुर ध्यान रखे की उसके पास रिसर्च जानिये कैसे Stock Broker का सही चयन करें की सुविधा है या नहीं !

एक अच्छे ब्रोकर का चुनाव करते समय आपको उस ब्रोकरेज फर्म की सेवा शुल्क जानिये कैसे Stock Broker का सही चयन करें अर्थार्त ब्रोकरेज शुल्क कितना है इस बात का भी ध्यान रखना बहुत आवश्यक है ! यदि किसी ब्रोकर की फ़ीस बहुत अधिक है तो उसकी अधिक फ़ीस को देखकर आपको यह नहीं सोचना चाहिए कि यह ब्रोकर फर्म तो अच्छी होगी ! तथा बहुत कम शुल्क को देखकर भी किसी ब्रोकर का चयन ना करे ! अतः आपको शुल्क के अलावा अन्य fectors को भी ध्यान में रखना चाहिए !

रिसर्च के बाद ही चुनें अपने स्टॉक्स

क्वालिटी रिसर्च सही स्टॉक लेने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आप जिन शेयरों को ट्रेड करने जा रहे हैं, जानिये कैसे Stock Broker का सही चयन करें उनके बारे में जानने से ज्यादा भरोसेमंद कुछ नहीं हो सकता। दुर्भाग्य से, अधिकांश ट्रेडर स्टॉक चुनने से पहले पर्याप्त रिसर्च नहीं करते। यह या तो रिसर्च के महत्व के प्रति अज्ञानता के कारण हैं या लापरवाही की वजह से। ज्यादातर मामलों में ये दोनों कारण हैं। यदि आपके पास पर्याप्त जानकारी हो तो आपके ट्रेड की स्पीड बढ़ जाती है। आपकी क्षमता बढ़ जाती है। इंट्रा-डे ट्रेडर के रूप में आप निश्चित जानिये कैसे Stock Broker का सही चयन करें ट्रेडिंग घंटों में छोटे मूल्य में उतार-चढ़ाव का लाभ उठाकर संपत्ति बना सकते हैं। इस प्रकार, एक अच्छा आरओआई हासिल करने के लिए त्वरित निर्णय लेना अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

खुद ही चार्ट पढ़ने की क्षमता विकसित करें

आपको पता है कि इंट्रा-डे ट्रेडर के तौर पर कारोबार शुरू करने के लिए आपको पहले दिन से ही टेक्निकल चार्ट्स पर निर्भर रहना होगा और यदि आप उन चार्ट्स को खुद ही पढ़ने लगते हैं तो यह आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा। बिजनेस की इस लाइन में आप चार्ट के माध्यम से मुश्किल फैसले ले सकते हैं। चार्ट यह समझने के लिए बैरोमीटर का काम करते हैं कि क्या हो रहा है, क्या काम करता है और क्या नहीं। इस तरह, चार्ट पढ़ने की क्षमता एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्किलसेट है। यह ध्यान में रखते हुए कि आपने चार्ट पढ़ने और समझने का कौशल विकसित किया है, यह सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जिन शेयरों पर आपने नजर रखी है, वह निश्चित चार्ट पैटर्न प्रोजेक्ट करते हैं। ऐसे स्टॉक में ट्रेड करना उचित नहीं है जिसके बारे में पर्याप्त इतिहास न हो और न ही आपको ऐसे शेयरों का विकल्प चुनना चाहिए जो एक स्पष्ट पैटर्न नहीं दिखाते हो। लंबे इतिहास वाले स्टॉक आपको किसी पैटर्न के दोहराने के पैटर्न और ट्रेड में मदद कर सकते हैं।

बाजार को चुनौती न दें- उस दिन के ट्रेंड के साथ चलें

बड़ी संख्या में व्यापारी विरोधाभासी परिदृश्यों को फॉलो कर सकते हैं। लेकिन, अधिकांश व्यापारिक दुनिया बाजार की लहरों की सवारी पसंद करती है। इस प्रक्रिया में बाजार में किसी ट्रेंड को पहचानकर और उसकी सवारी करके की जाती है। आपको एक स्पष्ट तस्वीर देने के लिए, जब आप नोटिस करते हैं कि मार्केट बढ़ रहा है, तो आपको उन शेयरों को चुनना चाहिए जो आपको अधिक विस्तारित अवधि के लिए अपनी पोजिशन होल्ड रखने की अनुमति देते हैं। इसके विपरीत, यदि बाजार गिर रहा है, तो आपको छोटी पोजिशन पर विचार करना चाहिए।

शेयर ब्रोकर चुनने में इन पांच बातों का रखें ध्यान

शेयर ब्रोकर चुनने में इन पांच बातों का रखें ध्यान

1. डिस्काउंट ब्रोकर पर दांव!
डिस्काउंट ब्रोकर आपके आदेशानुसार सिर्फ शेयरों की खरीद फरोख्त करते हैं. फुल सर्विस ब्रोकर आपको निवेश आइडिया भी देते हैं. इसलिए यदि आप बाजार की उथल-पुथल और हलचल को समझते हैं, जो आप डिस्काउंट ब्रोकर का चुनाव कर सकते हैं. अन्यथा फुल सर्विस ब्रोकर ही बेहतर है.

2. फोन या ऑनलाइन कारोबार की सेवा
आप कारोबार के लिए फोन और इंटरनेट दोनों का ही इस्तेमाल कर सकते हैं. ब्रोकर का चयन करने से पहले यह जान लेना जरूरी है कि वह दोनों में से कौनसी सुविधा मुहैया करवाता है. हालांकि, हाइब्रिड ब्रोकर्स दोनों ही सुविधाएं देते हैं.

डिस्काउंट ब्रोकरेज बनाम फुल -सर्विस ब्रोकरेज

भारतीय ब्रोकरेज उद्योग पिछले कुछ वर्षों में इन दो प्रमुख सेवाओं को प्रदान कर रही है -

डिस्काउंट ब्रोकर : एक डिस्काउंट ब्रोकर वह है जो डीमैट और ट्रेडिंग खातों की बुनियादी सेवाएं किफायती मूल्य में प्रदान करता है। यहाँ आप न केवल जानिये कैसे Stock Broker का सही चयन करें सब्सक्रिप्शन प्लान्स का चयन कर सकते हैं बल्कि कम ब्रोकरेज दरों का लाभ भी उठा सकते है।

फुल -सर्विस ब्रोकर : ये वित्तीय संस्थान हैं जो स्टॉक ट्रेडिंग सेवाओं के साथ-साथ अनुसंधान और सलाह प्रदान करते हैं। जानिये कैसे Stock Broker का सही चयन करें हालांकि, वे तुलनात्मक रूप से अधिक ब्रोकरेज लेते हैं जो आपके ट्रेडिंग वॉल्यूम के आनुपातिक होते हैं।

आजकल अधिकतर नए निवेशकों का डिस्काउंट ब्रोकरेज की ओर अधिक झुकाव है क्योंकि यह उनको कम मूल्य पर अधिक ट्रेड करने का मौका देता है।

ब्रोकर चुनते समय इन तथ्यों का विचार करे : ब्रोकर का चयन आपके ट्रेडिंग करने के अनुभव और ट्रेडिंग के दौरान जो ब्रोकरेज के खर्च आते हैं उसपे उल्लेखनीय प्रभाव डालेगा। नीचे कुछ महत्वपूर्ण मापदंड दिए गए हैं जिनका मूल्यांकन आप एक सही ब्रोकर को चुनने के दौरान कर सकते है।

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