FPO का एक उदाहरण है इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड। कंपनी फरवरी 2014 में इश्यू ले कर आई थी। इश्यू में प्राइस बैंड था 145 से 150 रुपये। इश्यू 3 गुना सब्सक्राइब हुआ था और ट्रेडिंग के पहले दिन शेयर ₹151 . 10 पर बिक रहा था। इसका मतलब इश्यू का लोअर प्राइस बैंड बाजार कीमत से 4.2% नीचे था।

कुछ बची बातें

आईपीओ ( IPO ) के जरिए कंपनी पहली बार शेयर बाजार में लिस्ट होने के लिए आती है शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद शेयरों में हर दिन खरीद बिक्री हो सकती है। IPO में कंपनी के प्रमोटर कंपनी के कुछ प्रतिशत शेयर आम जनता को बेचते हैं। IPO लाने की वजहों के बारे में हम अध्याय 4 और 5 में विस्तार से बात कर चुके हैं।

IPO लाने की मुख्य वजह कंपनी के लिए पूंजी जुटाना होता है। इससे कंपनी अपना विस्तार कर सकती है। IPO के जरिए कंपनी के पुराने निवेशकों को अपना निवेश निकालने का एक रास्ता भी मिलता है। IPO आने के बाद और सेकेंडरी बाजार में कंपनी के शेयरों की खरीद बिक्री शुरू होने के बाद भी प्रमोटर को और पूंजी की जरूरत शेयर बाजार में नए हैं? पड़ सकती है। जिसके लिए उसके सामने तीन रास्ते होते हैं राइट्स इश्यू , ऑफर शेयर बाजार में नए हैं? फॉर सेल ( Offer for Sale-OFS), और फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (Follow-on Public Offer-FPO).

राइट्स इश्यू (Rights Issue)

प्रमोटर अपने मौजूदा शेयरधारकों को और नए शेयर देकर और पूंजी जुटा सकता है। राइट्स इश्यू में यह नए शेयर बाजार के मौजूदा कीमत से कम दाम पर दिए जाते हैं। पुराने शेयर धारकों को नए शेयर उनके पास अभी मौजूद शेयरों की संख्या के अनुपात में दिए जाते हैं। उदाहरण के तौर पर 4 :1 के राइट इश्यू में हर चार शेयरों के बदले में उन को एक अतिरिक्त शेयर दिया जाएगा। देखने में पूंजी जुटाने का यह एक अच्छा तरीका लगता है लेकिन इसमें कंपनी के पास बहुत कम लोगों से ही पैसे जुटाने का रास्ता होता है। यह भी हो सकता है कि पुराने शेयर धारक और पैसा ना लगाना चाहें। राइट इश्यू के आने शेयर बाजार में नए हैं? से पुराने शेयरधारकों के लिए उनके पहले के शेयरों की कीमत कम हो जाती है।

राइट्स इश्यू का एक उदाहरण है साउथ इंडियन बैंक का जिसने 1 : 3 का इश्यू किया। इसमें मौजूदा शेयरधारकों 14 रुपये के कीमत पर शेयर दिए गए जो कि बाजार की कीमत( रिकार्ड डेट 17 फरवरी 2014 की बाजार शेयर बाजार में नए हैं? कीमत 20 रुपये) से 30% नीचे थी। बैंक ने 45.07 लाख शेयर अपने मौजूदा शेयर धारकों को दिए।

ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale-OFS)

राइट इश्यू के विपरीत, प्रमोटर पूरे बाजार के लिए शेयर का सेकेंडरी इश्यू ला सकता है। इसमें मौजूदा शेयरधारक वाला बंधन नहीं होता। एक्सचेंज OFS के लिए ब्रोकर के जरिए बिक्री की सुविधा देते हैं। एक्सचेंज इस ऑफर की अनुमति तभी देते हैं जब प्रमोटर अपने शेयर बेचना चाहते हों और साथ ही पब्लिक शेयर होल्डिंग की कम से कम सीमा का उल्लंघन भी ना करें। उदाहरण के तौर पर सरकारी कंपनियों यानी पीएसयू ( PSU ) में पब्लिक शेयर होल्डिंग की सीमा 25% है ।

OFS में एक फ्लोर प्राइस होता है जो कंपनी तय करती है। इस प्राइस के ऊपर रिटेल और नॉन रिटेल दोनों ही तरह के निवेशक बिड ( bid) डाल सकते हैं। कट ऑफ प्राइस के ऊपर के सभी बिड में शेयर अलॉट किए जाते हैं। एक्सचेंज T+1 डे में ये शेयर डीमैट अकाउंट में सेटल कर देता है।

OFS का एक उदाहरण एनटीपीसी लिमिटेड ( NTPC Limited ) का है जिसने 46 .35 मिलियन (4 .635 करोड़) शेयर 168 रुपये के फ्लोर प्राइस पर ऑफर किए थे। यह इश्यू 2 दिन में पूरा सब्सक्राइब हो गया था। यह ऑफर फॉर सेल 29 अगस्त 2017 को रिटेल इन्वेस्टर के लिए और 30 अगस्त शेयर बाजार में नए हैं? 2017 को नॉन रिटेल इन्वेस्टर के लिए खुला था।

जून के लो से जोरदार रिकवरी

इस साल के उतार चढ़ाव में जून 2022 में शेयर बाजार में खासा करेक्‍शन देखने को मिला था. 17 जून 2022 को निफ्टी 15183 के लेवल तक कमजोर हुआ था. जबकि सेंसेक्‍स में 50921 के लेवल तक गिरावट आई. आज निफ्टी 18604 और सेंसेक्‍स 62687 के लेवल तक पहुंच गया. इस लिहाज से 6 महीने से भी कम समय में निफ्टी में 3421 अंकों की तेजी रही. जबकि सेंसेक्‍स में 11766 अंकों की तेजी देखने को मिली.

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लार्जकैप: 1 साल के टॉप गेनर्स

अडानी पावर: 225%
अडानी इंटरप्राइजेज: 134%
अडानी टोटल गैस: 128%
हिंदुस्‍तान एयरोनॉटिक्‍स: 115%
वरुण बेवरेजेज: 101%

BLS इंटरनेशनल: शेयर बाजार में नए हैं? 235%
Mazagon Dock: 225%
भारत डायनमिक्‍स: 150%
RHI Magnesita: 131%
रेल विकास निगम लिमिटेड: 129%

स्‍मालकैप: 1 साल के टॉप गेनर्स

Jyoti Resins: 367%
KPI ग्रीन एनर्जी: 267%
च्‍वॉइस इंटरनेशनल: 258%
कमर्जा इंटरनेशनल: 252%
रामा स्‍टील ट्यूब्‍स: 245%

Cressanda Solns: 530%
श्री वेंकटेश: 280%
उगर शुगर वर्क्‍स: 240%
जिंदल ड्रिलिंग: 150%
अरिहंत कैपिटल: 144%

Dodla Dairy

Dodla Dairy का शेयर 28 जून 2021 को शेयर बाजार में लिस्ट हुआ था. इश्यू प्राइस 428 रुपये था, जबकि यह 550 रुपये पर लिस्ट हुआ था. लिस्टिंग डे पर यह 42 फीसदी मजबअूत होकर 609 रुपये पर बंद हुआ. अभी शेयर 488 रुपये पर आ गया है. यानी इश्यू प्राइस के करीब है. ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने शेयर में खरीदारी की सलाह देते हुए 600 रुपये का टारगेट दिया है. यानी इसमें मौजूदा भाव से 23 फीसदी रिटर्न मिल सकता है.

Paytm का शेयर 18 नवंबर 2021 को लिस्ट हुआ था. लिस्टिंग डे पर यह 2150 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 27 फीसदी कमजोर होकर 1564.15 रुपये के भाव पर बंद हुआ था. अभी यह इश्यू प्राइस से 71 फीसदी कमजोर होकर 620 रुपये पर है. ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने शेयर में 1285 रुपये के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी है. करंट प्राइस 620 रुपये के लिहाज से इसमें 100 फीासदी से ज्यादा रिटर्न मिल सकता है.

Tatva Chintan Pharma

29 जुलाई 2021 को लिस्ट होने वाले Tatva Chintan पर भी ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज पॉजिटिव है. ब्रोकरेज ने शेयर में 3000 रुपये का टारगेट देते हुए खरीदारी की सलाह दी है. अभी शेयर 2185 रुपये पर है. इश्यू प्राइस 1083 रुपयेक की तुलना में इसमें 102 फीसदी रिटर्न मिल चुका है.

(Disclaimer: यहां शेयर में निवेश को लेकर सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई है. यह जी बिजनेस के निजी विचार नहीं हैं. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेश के पहले एक्सपर्ट की राय लें.)

छोटे निवेशकों के दम से सेंसेक्स नए शिखर पर, ये हैं शेयर बाजार में तेजी के पांच प्रमुख कारण

छोटे निवेशकों के दम से सेंसेक्स नए शिखर पर, ये हैं शेयर बाजार में तेजी के पांच प्रमुख कारण

शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला जारी रहा। छोटे निवेशकों की ताबड़तोड़ लिवाली से सेंसेक्स ने अपने अब तक के उच्चतम स्तर को छू लिया। वहीं, कारोबार में दौरान निफ्टी भी अपने 52 सप्ताह के उच्चस्तर 18,529.70 तक ´पहुंच गया था।

रिटेल निवेशकों की 52 फीसदी भागीदारी

मार्च 2020 में बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। उस समय रिटेल निवेशकों की संख्या चार करोड़ के करीब थी। इसके बाद इस आंकड़े में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगस्त 2022 तक डिमैट अकाउंट की संख्या दोगुनी से अधिक होकर 10 करोड़ तक पहुंच गई। इसी तरह रोजाना के बाजार कारोबार में छोटे निवेशकों की भागीदारी 52 फीसदी हो गई है। वहीं घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी क्रमश : 29 और 19 फीसदी है।

IPO in 2023: प्राइमडेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 89 कंपनियां 2023 में लगभग 1.4 खरब रुपये जुटाने के लिए दलाल स्ट्री . अधिक पढ़ें

  • News18 हिंदी
  • Last Updated : December 18, 2022, 15:13 IST
2023 में आने वाले आईपीओ को SEBI से हरी झंडी मिल गई है.
2021 में कुल 63 फर्मों ने भारत में आईपीओ के माध्यम से 1.19 खरब रुपये जुटाए.
इस साल नवंबर तक 33 कंपनियों ने 55,145.80 करोड़ रुपए जुटाए हैं.

मुंबई. 2022 में भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ के जरिए निवेशकों ने खूब पैसे बनाए और अब अगले साल 2023 में भी उन्होंने कमाई के ऐसे और मौके मिलेंगे. क्योंकि नए साल की शुरुआत में कई IPO बाजार में सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध होंगे. प्राइमडेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 89 कंपनियां 2023 में लगभग 1.4 खरब रुपये जुटाने के लिए दलाल स्ट्रीट पर दस्तक देंगी.

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