एक बैंक से दूसरे बैंक में फंड ट्रांसफर करने के क्या-क्या माध्यम हैं, जानें पूरी डिटेल्स

इंटरनेट के विकल्प आसान और किफायती हो जाने के बाद अब घर बैठे कैसे इंटरनेट में निवेश पर पैसा बनाने के लिए ही कोई भी व्यक्ति आसानी से एक बैंक से दूसरे बैंक में फंड या पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं. हमारे पास आज डिजिटल ट्रांजेक्शन के कई विकल्प हैं.

By: एबीपी न्यूज | Updated at : 23 Aug 2021 10:25 AM (IST)

पूरी दुनिया में इस समय डिजिटल माध्यम का बोलबाला है. इंटरनेट के विकल्प आसान और किफायती हो जाने के बाद अब घर बैठे ही कोई भी व्यक्ति आसानी से एक बैंक से दूसरे बैंक में फंड या पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं. हमारे पास आज डिजिटल ट्रांजेक्शन के कई विकल्प मौजूद हैं, ऐसे में यह तय कर पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है कि हम किस विकल्प का प्रयोग कर अपने पैसे दूसरे के बैंक में ट्रांसफर करें. हमें यह नहीं समझ में आता है कि कौन सा विकल्प सबसे अच्छा रहेगा. आज हम आपको बताएंगे कि आप किस-किस विकल्प का इस्तेमाल कर एक बैंक से दूसरे बैंक में पैसे भेज सकते हैं.

RTGS के जरिए

RTGS जिसे हम रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट कहते हैं, एक बैंक से दूसरे बैंक में फंड ट्रांसफर करने का सबसे तेज माध्यम है. इसके जरिए इल्कट्रॉनिक माध्यम से फंड ट्रांसफर होता है.

इसके जरिए हम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से फंड ट्रांसफर कर सकते हैं. इसके जरिए फंड ट्रांसफर तुरंत और सुरक्षित तरीकें से होता है. यह ट्रांसफर RBI के देखरेख में होता है. इसका प्रयोग आमतौर पर ज्यादा पैसे भेजने के लिए किया जाता है. इससे फंड ट्रांसफर करने की Minimum amount 2 लाख रुपये है.

NEFT के जरिए

NEFT (नेशनल इल्कट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) पैसे ट्रांसफर करने का एक इल्कट्रॉनिक माध्यम है. इसकी शुरूआत 2005 में की गई थी. इसके जरिए कोई भी व्यक्ति एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में पैसे भेज सकता है. इसमें पैसे भेजने की कोई न्यूनतम या अधिकतम राशि नहीं है. इससे भी ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यम से फंड ट्रांसफर किया जा सकता है.

IMPS के जरिए

IMPS(Immediate Payment Service) छोटे राशि को एक बैंक से दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का एक अच्छा विकल्प है. इसका लाभ लेने के लिए नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग की जरूरत होती है. NPCI द्वारा प्रदान किया गया यह सेवा पूरी तरह से सुरक्षित है. अलग अलग बैंकों के हिसाब से इसमें कुछ शर्तें लागू हैं.

Bank Apps के जरिए

बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल साधनों का प्रयोग आने से ग्राहकों को बहुत फायदा हुआ है. अब बैंक भी इसका फायदा अपने कामों को आसान बनाने के लिए करती हैं. अब ज्यादातर बैंक अपने ऐप के जरिए कैसे इंटरनेट में निवेश पर पैसा बनाने के लिए ग्राहकों को कई तरह की सुविधा प्रदान करती है. इन बैंक ऐप्स के जरिए आप अपने अकाउंट से किसी भी बैंक के अकाउंट में आसानी से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं.

चेक के जरिए

चेक द्वारा फंड ट्रांसफर करने की प्रक्रिया आज भी लोग बड़ी संख्या में अपनाते हैं. आज भी ग्राहकों को चेक पर डिजिटल की तुलना में ज्यादा भरोसा है. चेक की अहमियत आज भी पहले की तरह ही है. चेक के जरिए कोई भी व्यक्ति आसानी से एक बैंक से दूसरे बैंक में फंड ट्रांसफर कैसे इंटरनेट में निवेश पर पैसा बनाने के लिए कर सकता है.

Digital Wallet के जरिए

बैंक ऐप्स के अलावा आप डिजिटल वॉलेट के जरिए भी आसानी से पैसे का लेनदेन कर सकते हैं. इसे ई-वॉलेट भी कहा जाता कैसे इंटरनेट में निवेश पर पैसा बनाने के लिए है. इसके जरिए आप फंड ट्रांसफर के अलावा शॉपिंग, टिकट बुकिंग आदि की सुविधा का लाभ भी ले सकते हैं.

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Published at : 23 Aug 2021 09:44 AM (IST) Tags: Bank RTGS UPI Fund transfer हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: News in Hindi

स्‍टॉक मार्केट की निवेश पाठशाला 1 : घर बैठे करें निवेश, होती है मोटी कमाई

(फाइल फोटो)

देश में स्‍टॉक मार्केट में पैसा लगाने का क्रेज बढ़ता जा रहा है। लेकिन अभी भी कई लोगों को नहीं पता है कि शेयर बाजार में निवेश कैसे किया कैसे इंटरनेट में निवेश पर पैसा बनाने के लिए जाता है। हालांकि यह काफी आसान है। अगर इंटरनेट पर काम करने की आदत है तो यह पूरा काम ऑनलाइन घर बैठे ही किया जा सकता है। वहीं अगर इंटरनेट पर काम करने के आदी नहीं हैं, तो किसी किसी ब्रोकर की मदद से इस काम को आसानी से किया जा सकता है। आजकल ब्रोकर निवेशकों को हर तरह की सुविधा फोन पर भी उपलब्‍ध करा रहे हैं।

किन दस्तावेजों की पड़ती है जरूरत

शेयर बाजार में निवेश करने से पहले एक डीमैट खाता और एक ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाना कैसे इंटरनेट में निवेश पर पैसा बनाने के लिए पड़ता है। इसके लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड, कैंसिल चेक और फोटो की जरूरत पड़ती है।

इन बातों का रखें ध्‍यान

अच्‍छा ब्रोकर चुनें : देश में कई बड़े-बड़े ब्रोकर हैं। इनके कार्यालय ज्‍यादातर शहरों में हैं। लोगों इन ब्रोकर की साइट पर जाकर डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलने की रिक्‍वस्‍ट कर सकते हैं। इसके बाद आपके पास एक फोन आएगा और आपसे मिलने का समय तय करेगा। इसी दौरार यह दस्‍तावेजों के बारे में जानकारी भी देता है।

ऑन लाइन और ऑफ लाइन का विकल्‍प चुने : जब ब्रोकर का प्रतिनिधि आता है तो पहला सवाल होता है कि शेयर बाजार में निवेश के लिए अकाउंट ऑनलाइन खोलना है या ऑफ लाइन। ऑन लाइन अकाउंट में निवेशक घर से इंटरनेट के माध्‍यम से शेयर खुद ही खरीद सकता है। लेकिन इस अकाउंट में यह भी सुविधा होती है कि आप फोन के माध्‍यम से भी शेयर की खरीदारी कर सकते हैं। वहीं ऑफ लाइन अकाउंट में शेयरों की खरीदारी केवल ब्रोकर के आफिस में जाकर या फोन पर ही की जा सकती है। इस कारण ऑन लाइन अकाउंट ज्‍यादा अच्‍छा माना जाता है जिसमें ऑफ लाइन अकाउंट की भी सभी सुविधाएं होती हैं।

डिटेल सही दें: डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खुलते वक्‍त आपका मोबाइल नम्‍बर और ईमेल लिया जाता है। यह जानकारी सही होनी चाहिए। क्‍योंकि ब्रोकर और स्‍टॉक एक्‍सचेंज हर ट्रेड की जानकारी मेल और मोबाइल नंबर पर देते हैं। अगर यह जानकारी सही होगी तो आपके अकाउंट के साथ कोई भी गड़बड़ी नहीं कर सकेगा। अगर कभी ईमेल या मोबाइल नंबर में आप बदलाव करते हैं तो उसकी जानकारी अपने अकाउंट में अपडेट करा सकते हैं।

क्‍या होता है ट्रेडिंग खाता

ट्रेडिंग खाते के माध्‍यम से ही आप शेयरों की खरीद या बिक्री करते हैं। इस खाते में ही पैसे भी रखे जाते हैं। अगर आप चाहें तो इस खातें में शेयर खरीदने के बाद बचे पैसे को अपने बैंक अकाउंट में ट्रासंफर कर सकते हैं।

जाने पैसे ट्रांसफर करने का तरीका

अगर कैसे इंटरनेट में निवेश पर पैसा बनाने के लिए आप शेयर खरीदना चाहते हैं तो आपको इसके लिए पैसे ट्रेडिंग अकाउंट में ट्रांसफर करने होते हैं। यह पैसा आप ऑनलाइन या चेक और ड्राफ्ट से ही अपने ट्रेडिंग खाते में ला सकते हैं। कोई भी ब्रोकर यह पैसा नकद नहीं ले सकता है।

ब्रोकरेज की बारे में जानें पूरी बात

शेयर खरीदने और बेचने के दौरान निवेशकों को फीस देनी होती हैं। यह कंपनियां अपने हिसाब से तय करती हैं। आमतौर पर यह 1 फीसदी से कम होती है। इसलिए जब भी अकाउंट खुलवाएं तो ब्रोकरेज की जानकारी जरूर कर लें।

एक्सपर्ट की राय

शेयरखान के वाइस प्रेसिडेंट मृदुल कुमार वर्मा की राय है कि लोगों के पास एक डीमैट अकाउंट जरूर होना चाहिए। इसमें शेयर और म्युचुअल फंड के अलावा टैक्स सेविंग बांड से लेकर कंपनियों की एफडी तक को खरीद कर रखा जा सकता है। इसके अलावा अगर किसी को अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए डीमैट में रखे शेयर, म्युचुअल फंड, बांड या कंपनियों की एफडी के बदले तुरंत ही लोन भी लिया जा सकता है। ऐसा इसलिए होता है कि इनको ऑनलाइन गिरवी रखने की सुविधा भी होती है।

Investment: किन तरीकों को अपना कर अपने निवेश पर पा सकते हैं सबसे ज्यादा रिटर्न, जानिए कैसे?

 60 की उम्र के बाद चिंतामुक्त रहने के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग बहुत जरूरी है.

60 की उम्र के बाद चिंतामुक्त रहने के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग बहुत जरूरी है.

Investment: अक्सर लोगों के साथ ऐसा होता है कि वे अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न नहीं बना पाते. क्या आपके साथ ही ऐसा होता है . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : October 12, 2021, 05:43 IST

Investment: अक्सर लोगों के साथ ऐसा होता है कि वे अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न नहीं बना पाते. क्या आपके साथ ही ऐसा होता है. आइए कुछ ऐसे तरीकों को समझते हैं जिसे फॉलो करके हम अपने निवेश पर ज्यादा रिटर्न पा सकते हैं.

रिटायरमेंट प्लानिंग क्यों जरूरी?
60 की उम्र के बाद चिंतामुक्त रहने के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग बहुत जरूरी है. उम्र के इस मोड़ पर होने वाले मेडिकल खर्चों के लिए, महंगाई को मात देने के लिए, अचानक आए खर्च से निपटने के लिए और अपने सपनों को पूरा करने के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग जरूर होनी चाहिए.

रिटायरमेंट के समय आपके पास कितनी होनी चाहिए जमा पूंजी?
रिटायरमेंट प्लानिंग का पहला कदम है, यह तय करना कि रिटायर होने के बाद आपको अपनी जिंदगी आसानी से गुज़ारने के लिए कितने पैसों की ज़रूरत होगी. इसी से पता चलेगा कि हर महीने उतनी रकम हासिल करने के लिए आपको कितना फंड या कॉर्पस जुटाना चाहिए. इसके लिए आप किसी फाइनेंशियल प्लानर या इंटरनेट पर उपलब्ध रिटायरमेंट प्लानिंग कैलकुलेटर्स की मदद ले सकते हैं. एक आसान फॉर्मूला यह भी है कि आप अपने सालाना खर्च की कम से कम 20 गुना रकम रिटायरमेंट कॉर्पस के तौर पर जुटाएं.

महंगाई को माते देने वाले उत्पाद में निवेश
महंगाई के असर की गणना किए बिना खर्च का अनुमान लगाने की वजह से भी आपको सीमित फंड में काम चलाने में मुश्किलें आती हैं. इससे बचने के लिए रिटायरमेंट से पहले ऐसे निवेश माध्यम में निवेश करना चाहिए जो महंगाई को मात देने में सक्षम हो. इसके लिए इक्विटी और म्यूचुअल फंड का सहारा लेना चाहिए. अगर आपका फिलहाल हर महीने 50,000 रुपये का खर्चा है तो मंथली खर्च 25 साल बाद 8 फीसदी की महंगाई की दर से यही खर्चा बढ़कर 3.5 लाख रुपये महीना हो जाएगा

पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाइड करें
रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने निवेश पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करें. आप अगर 35 साल की उम्र से रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करते हैं तो अपनी बचत का 50 फीसदी रकम रिटायरमेंट प्लानिंग को ध्यान में रखकर करें. आप इक्विटी, इपीएफ, म्यूचुअल फंड जैसे निवेश माध्यम को चुन सकते हैं. ये निवेश उत्पाद महंगाई को मातदेकर बेहतर रिटर्न दिलाने का काम करेंगे.

अगर आपने 25 साल की उम्र में रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू की है तो आपके पास आपके पास रिटायरमेंट लिए 60-25=35 साल हैं. रिटायरमेंट पर आपके पास 4 करोड़ रुपये का कॉर्पस चाहिए और 4 करोड़ हासिल करने के लिए म्यूचुअल फंड में हर महीने 4000-4500 रुपये निवेश करना होगा.

रिटायरमेंट के बाद डेट निवेश
डेट में निवेश सुरक्षित लेकिन महंगाई को मात देने वाला नहीं होता है. बढ़ती महंगाई, कम होती ब्याज दरों से अच्छी मासिक आय जुटाना मुश्किल होता है. इसलिए रिटायरमेंट पर इकट्ठा पैसे को डेट के साथ इक्विटी में भी डालें. रिटायरमेंट के बाद 20 साल तक के लिए इक्विटी निवेश सही रहता है.

स्वास्थ्य बीमा जरूर लेकर रखें
रिटायरमेंट के बाद वित्तीय जोखिम को कम करने के लिए स्वास्थ्य बीमा जरूर लेकर रखें. उम्र बढ़ने के साथ परेशानी बढ़ती है. इलाज खर्च बहुत तेजी से बढ़ा है. यह आपकी गाढ़ी कमाई को खत्म करने का काम कर सकता है. इससे बचने के लिए स्वास्थ्य बीमा कवर जरूर लेकर रखें. यह बाद के दिनों में बड़ी मदद करने का काम करेगा.

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Dehradun स्थानीय उत्पादों के लिए गोदाम बनेंगे, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में लॉजिस्टिक नीति को दी गई मंजूरी

Dehradun स्थानीय उत्पादों के लिए गोदाम बनेंगे, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में लॉजिस्टिक नीति को दी गई मंजूरी

उत्तराखंड न्यूज़ डेस्क, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड की लॉजिस्टिक नीति को मंजूरी दे दी गई. इसके तहत राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों के लिहाज से बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा. उत्पादों के सही रखरखाव के लिए जगह-जगह गोदाम, कोल्डचेन, कंटेनर-कार्गो और ट्रक टर्मिनल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इस काम में सहयोग करने वाले निवेशकों को राज्य सरकार की ओर से कई प्रोत्साहन दिए जाएंगे.
इस संबंध में उद्योग विभाग के सचिव डॉ.पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि राज्य में लॉजिस्टिक नीति लागू होने से निर्यातकों को काफी सहूलियत होगी. इसके तहत राज्य में आंतरिक परिवहन प्रणाली, बिजली लाइन, संचार सुविधा, पानी, सीवरेज, फायर, पार्किंग, वेइंग ब्रिज, चिकित्सा केंद्र जैसी सुविधाओं को बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत राज्य में वेयर हाउस, कोल्ड चेन, ट्रक टर्मिनल, चालक विश्राम सुविधा, एयर कार्गो आदि का विकास कराया जाएगा. ऐसे क्षेत्रों में निवेश करने वाले निवेशकों को प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है. इस नीति के तहत राज्य लॉजिस्टिक सेल और राज्य लॉजिस्टिक समन्वय समिति का भी गठन किया जाएगा. सेल के अध्यक्ष प्रमुख सचिव उद्योग जबकि समिति के अध्यक्ष, मुख्य सचिव होंगे.
नई नीति का प्रमुख उद्देश्य राज्य में सुविधाओं का विकास कैसे इंटरनेट में निवेश पर पैसा बनाने के लिए कर प्रदेश के उत्पादों को आसानी से बाजार उपलब्ध कराना है. सचिव उद्योग डॉ.पांडेय ने बताया कि वर्ष 2000-21 में बनियादी सुविधाओं की कमी के बाद भी उत्तराखंड से 16 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया गया. ऐसे में सुविधाओं का विकास कर निर्यात को कई गुना बढ़ाया जा सकता है. इसी सोच के साथ सरकार राज्यभर कैसे इंटरनेट में निवेश पर पैसा बनाने के लिए में बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता में रख रही है.
निवेशकों को प्रोत्साहन के क्रम में कई तरह की सब्सिडी दी जा रही है. ग्रीन लॉजिस्टिक के लिए 20 सब्सिडी जबकि लॉजिस्टिक पार्क व आईसीडी बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये तक की परियोजना पर आठ करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. 50 से 150 करोड़ रुपये तक की परियोजना पर 24 करोड़ और 150 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना पर 32 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने की व्यवस्था की गई है.
इसके अलावा सरकार ने लॉजिस्टिक नीति के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में वेयर हाउस बनाने पर ढाई करोड़ रुपये और मैदानी क्षेत्रों में पांच करोड़ रुपये के निवेश पर 20 प्रतिशत की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है. माल वाहक वाहनों की पार्किंग के लिए ट्रक टर्मिनल बनाने पर 20 प्रतिशत और पांच हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए निवेश पर 15 प्रतिशत की सब्सिडी देने की व्यवस्था की गई है.

Business Idea: सिर्फ एक बार निवेश से शुरू करें ये कारोबार, साल भर मांग के चलते होगी जबरदस्त कमाई

Business Idea: आज के समय में हर नौकरी करने वाला इंसान अपनी बचत का सही निवेश कर अपना बिजनेस शुरू करना चाहता है। और उसकी सोच रहती है, कि उसका निवेश सही हो उसे कोई नुकसान ना हो। अगर आप भी कुछ इसी तरह के बिजनेस आइडिया की तलाश में हैं तो आज हम आपकी इस इच्छा जरूर पूरा करेंगे। आज जिस प्रोडक्ट इस प्रोडक्ट की गांवों से लेकर शहरों तक में भारी मांग है। यह बिजनेस टोमैटो सॉस (Tomato Sauce) का बिजनेस है। जिसे आप भी शुरू कर सकते हैं। टमाटर सबके खानपान में शामिल होता है। आज कल तो इसके बिना चटनी भी अधूरी मानी जाती है। सब्जियों से लेकर सॉस, केचअप या पिज्‍जा, बर्गर आदि में इसका उपयोग होता है। साल के 12 महीने बाजार में टमाटर की मांग भी बनी रहती है। टोमैटो सॉस या टोमैटो केचप की मांग अमूमन हर समय और अधिकतर घरों या होटल-रेस्टोरेंट में भी रहती है।

हर उम्र और वर्ग के लोग अपने खाने में टमाटर का उपयोग करते हैं। आमतौर पर सीजन में टमाटर का भाव भी बहुत कम होता है। लेकिन ऑफ-सीज़न में इसके भाव में रिकॉर्ड तेजी देखने को भी मिली है। कई तरह के फास्‍ट फूड में भी कैसे इंटरनेट में निवेश पर पैसा बनाने के लिए इस्‍तेमाल होने की वजह से साल-दर-साल टमाटर की मांग भी बढ़ती जा रही है। ग्रामीण इलाकों से लेकर कस्‍बों, छोटे शहरों और मेट्रो सिटी तक में टमाटर की मांग भी बनी रहती है। ऐसे में टमाटर आपको बिजनेस करने का अच्‍छा मौका भी देता है।

इस बिजनेस में कितनी आएगी लागत

इस बिजनेस को शुरू करने में सरकार भी कैसे इंटरनेट में निवेश पर पैसा बनाने के लिए मदद भी करती है। प्रधानमंत्री मुद्रा स्‍कीम के लिए तैयार हुए प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल में दी गई जानकारी के अनुसार, टोमेटो सॉस का बिजनेस शुरू के लिए कुल 7.82 लाख रुपये तक खर्च करने होंगे। इसमें आपको अपने पास से 1.95 लाख रुपये भी लगाने होंगे। बाकी पैसों का इंतजाम मुद्रा लोन स्कीम के तहत लोन लेकर कैसे इंटरनेट में निवेश पर पैसा बनाने के लिए भी हो जाएगा। इसमें हर तरह की मशीनरी और इक्यूपमेंट पर 2 लाख रुपये खर्च भी हो जाएंगे। टमाटर, रॉ-मेटेरियल, इंग्रेडिएंट, कामगारों की सैलरी, पैंकिंग, टेलीफोन, किराया आदि पर 5.82 लाख रुपये तक खर्च होगा। टर्म लोन 1.50 लाख रुपये तक होगा। वर्किंग कैपिटल लोन 4.36 लाख रुपये तक होगा। यह लोन मुद्रा योजना के तहत किसी भी बैंक से आसानी से भी मिल जाएगा।

कितनी होगी कमाई इस बिजनेस में कमाई

प्रधानमंत्री मुद्रा स्‍कीम की रिपोर्ट के अनुसार, 7.82 लाख रुपये के निवेश में तैयार एस्टीमेट के लिहाज से सालाना टर्नओवर 28.80 लाख रुपये तक हो सकता है। सालाना खर्च 24.22 लाख रुपये भी हो सकता है। टर्नओवर में खर्च घटाने के बाद आपके पास 4.58 लाख रुपये भी बचेंगे। यह आपका सालाना नेट प्रॉफिट होगा। यानी आपको हर महीने लगभग 40,000 हजार रुपए की कमाई होगी।

जानिए कैसे बनता है टोमैटो सॉस

टमाटर सॉस बनाने की यूनिट लगाने के लिए आपको किसी बड़ी जगह की जरूरत भी नहीं है। सॉस बनाने के लिए सबसे पहले कच्‍चे और पके टमाटर को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर स्‍टीम केटल में भी उबाला जाता है। इसके बाद उबले टमाटर के पल्‍प बनाकर बीज और फाइबर को भी अलग किया जाता है। इसमें अदरक, लहसुन, लौंग, कालीमिर्च, नमक, चीनी, वीनेगर आदि मिलाया जाता है। पल्‍प में प्रिजर्वेटिव्‍स भी मिलाया जाता है ताकि लंबे समय तक यह खराब भी न हो सके।

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